Kerala Elephant Murder: ‘एक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है, चुप क्यों है संसार…’, क्या यही इंसानियत है।?

इंसान की थोड़ी सी मोहब्बत बेजुबानों को उनके करीब ले आती है। वे आंख मूंद कर उनपर भरोसा करने लगते हैं। अगर एक इंसान उनके साथ अच्छाई करता है, तो वे यही समझ बैठते हैं कि सभी इंसान ऐसे ही होंगे। एक हाथिनी ने यही भूल कर दी। वो यह नहीं समझ सकी कि इस धरती पर कई लोग ऐसे भी हैं जिनके भीतर की इंसानियत मर चुकी है।

मामला दक्षिण भारत के केरल राज्य से है। जहां कुछ शरारती तत्वों ने एक गर्भवती हथिनी को विस्फोटक भरा अनानास खिला दिया। इसके बाद वह तीन दिनों तक वेलियार नदीं में खड़ी रही। दर्द से जूझती उस मां ने अपने मुंह और सूंड को पानी के भीतर ही रखा था। अब वो इस दुनिया में नहीं है।आखिर उसकी मौत हो गई। गर्भवती हथिनी की मौत को लेकर पूरे देश में इस घटना की निंदा हो रही हैं।

पढ़े-लिखे मनुष्यों की सारी मानवीयता क्या सिर्फ मनुष्य के लिए ही हैं? ख़ैर पूरी तरह तो मनुष्यों के लिए भी नहीं। हमारी प्रजाति में तो गर्भवती स्त्री को भी मार देना कोई नई बात नहीं।इन पढ़े-लिखे लोगों से बेहतर तो वे आदिवासी हैं जो जंगलों को बचाने के लिए अपनी जान लगा देते हैं। जंगलों से प्रेम करना जानते हैं। जानवरों से प्रेम करना जानते हैं।

वह ख़बर ज़्यादा पुरानी नहीं हुई है जब अमेज़न के जंगल जले। इन जंगलों में जाने कितने जीव मरे होंगे। ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों ऊँट मार दिए गए, यह कहकर कि वे ज़्यादा पानी पीते हैं। कितने ही जानवर मनुष्य के स्वार्थ की भेंट चढ़ते हैं।
भारत में हाथियों की कुल संख्या 20000 से 25000 के बीच है। भारतीय हाथी को विलुप्तप्राय जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।

एक ऐसा जानवर जो किसी ज़माने में राजाओं की शान होता था आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। धरती का एक बुद्धिमान, समझदार याद्दाश्त में सबसे तेज़, शाकाहारी जीव क्या बिगाड़ रहा है हमारा जो हम उसके साथ ऐसा सलूक कर रहे हैं?

कहने को तो केरल ‘god’s own country’ कहा जाता है। यहां के विशाल उत्सवों में हाथियों का भव्य श्रृंगार होता है। यहां अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य है। फिर भी ऐसी निकृष्ट मानसिकता पैदा हो जाना बड़े आश्चर्य का विषय है।
अगर ऐसे कृत्य करने वाले लोगो मे डर नही ला पाया कानून और समाज तो शायद हम कोरोना, चक्रवात और भूकंप जैसी आपदाओं के लायक ही है क्योंकि दर्द में तड़पते दोनों माँ बच्चे की बदुआ आसमान में जाकर कहीं न कहीं तो टकराएगी ही, आज नही तो कल। खैर, ये तो बात रही इंसानियत की पर जो हुआ क्या ऐसा करने वालो को इस बात का अफसोस है भी या नहीं?

सोशल मीडिया पर इस दर्दनाक हादसे को लेकर बेहद गुस्‍सा है। बॉलीवुड, बिजनेस, राजनीति आदि क्षेत्रों की हस्तियों ने भी अपने रीएक्‍शन देते हुए शिकायत जाहिर की है। यूजर्स इस मामले के दोषियों पर सख्‍त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

आप सब इस बारे में मुझे जरुर अपने विचार साझा करें आज के लिए इतना ही, मिलते है फिर एक नए ब्लॉग में। 

धन्यवाद!🙏

0 thoughts on “Kerala Elephant Murder: ‘एक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है, चुप क्यों है संसार…’, क्या यही इंसानियत है।?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *